Sunday, December 18, 2005

कोई गाता मै सो जाता

हरिवंश राय बच्चन द्वारा शुद्ध हिंदी मे लिखित इस सुंदर गीत का आस्वादन कीजिए।
इसको १९७७ के आलाप चलचित्र मे संगीत का रूप दिया जयदेव ने, येसुदास के सुरीले स्वर मे।

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कोई गाता मै सो जाता

संस्रिति के विस्त्रित सागर मे
सपनों कि नौका के अंदर
दुख सुख कि लहरों मे उठ गिर
बहता जाता, मै सो जाता ।

आँखों मे भरकर प्यार अमर
आशीश हथेली मे भरकर
कोई मेरा सिर गोदी मे रख
सहलाता, मै सो जाता ।।

मेरे जीवन का खाराजल
मेरे जीवन का हालाहल
कोई अपने स्वर मे मधुमय कर
बरसाता मै सो जाता ।।।

कोई गाता मै सो जाता
मै सो जाता
मै सो जाता
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2 Comments:

At 12:16 AM, Blogger Pratik said...

इतना अच्‍छा गीत प्रस्‍तुत करने के लिये धन्‍यवाद। मेरे ख्‍याल से द्वितीय पंक्ति में 'संसृति' और 'विस्‍तृत' लिखा जाना चाहिए।

 
At 8:48 PM, Blogger Shankari said...

wow! great! My first time here and I hear this gem. Thanks. (Dont know how to type this in devanagri)

 

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